कार में लिफ्ट देने के बहाने सवारी यात्रियों से नकदी जेवरात ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य पुलिस ने किया गिरफ्तार बड़ी कामयाबी पुलिस की

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पुलिस के द्वारा हिंदी मैगजीन के मीडिया प्रभारी नरेंद्र कुमार राठौर देहरादून उत्तराखंड

*थाना नेहरू कॉलोनी*

*कार में लिफ्ट देने के बहाने सवारी यात्रियों से नकदी, जेवरात ठगी करने वाले गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार, नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में 20 जनवरी को घटित अपराध का सफल अनावरण, ठगी की रकम बरामद*

दिनांक 22 जनवरी 2019 को शिकायतकर्ता वादी श्री सुभाष डबराल पुत्र राजेंद्र प्रसाद डबराल निवासी लेन नंबर- 01, मथुरावाला, विष्णुपुरम थाना नेहरू कॉलोनी द्वारा थाना नेहरू कॉलोनी पर शिकायत दर्ज कराई गई थी 20 जनवरी 2019 को प्रातः 6:30 बजे ऋषिकेश जा रहे थे तथा बस एवं वाहन के इंतजार में पुरानी बाईपास चौकी पर खड़े थे, जहां पर कार सवार 5 लोग, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, के द्वारा उनको लिफ्ट दी गई एवं डोईवाला के पास कार चालक द्वारा बताया गया कि यह कार बैंक की कार है, यदि आप लोगों के पास कुछ पैसा जेवर है तो इसे अलग से रख दो, इसे चेक कराना होता है और यहां से मुझे रसीद लेनी पड़ती है। कार में बैठे पीछे वाले लोगों द्वारा भी कार चालक को अपने नकदी जेवर दिए गए, जिस पर मैंने भी उसे अपना पर्स, एटीएम, बैग में रखे पैसे, उसे दे दिए। थोड़ा आगे चलकर उन्होंने मुझे 2 मिनट उतारने को कहा। मैं जैसे ही कार से उतरा, वे चेकिंग कराने की बात कह कर फरार हो गए, इस प्रकार उक्त सभी के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से मुझसे करीब ₹ 1,65,000/- ठग लिए गए हैं। वादी की तहरीर के आधार पर अज्ञात ठगों के विरुद्ध थाना नेहरू कॉलोनी पर मुकदमा अपराध संख्या 22/19 धारा 420/406 भादवि बनाम अज्ञात कार सवार पंजीकृत किया गया।
देहरादून में पूर्व में भी इस प्रकार के अपराध घटित हुए थे, उक्त अपराध की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद देहरादून द्वारा उक्त घटना के सफल अनावरण के लिए थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देशित करते हुए थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी के नेतृत्व में घटना के सफल अनावरण के लिए थाना स्तर पर टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा बाईपास से लेकर जोगीवाला, रायवाला की तरफ जाने वाले सीसीटीवी कैमरे चेक किये एवं इस प्रकार के अपराध करने वाले गिरोह के संबंध में सुराग रस्सी/ पता रस्सी की गई। पुलिस टीम द्वारा रिस्पना पुल, जोगीवाला के आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक करते हुए कार को रनिंग रुट को ट्रैक किया गया। उक्त कार को पुलिस टीम द्वारा रिस्पना पुल, जोगीवाला, रायवाला से हरिद्वार चंडी घाट तक ट्रैक किया गया। हरिद्वार चंडी घाट पर सीसीआर में लगे एनपीआर कैमरों में उक्त कार का नंबर ट्रेस हुआ। कार का नंबर ट्रेस होने के पश्चात पुलिस टीम कुछ दिनों पूर्व कार स्वामी के एड्रेस पर पहुंची एवं वहां पर अपने तरीके से जानकारी प्राप्त करने पर जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त कार का स्वामी प्रमोद एक शातिर ठग है एवं उसके साथ के अन्य लोग भी इस तरह की ठगी करते हैं, जो बार-बार अपने ठिकाने बदलते रहते हैं। पुलिस टीम द्वारा प्रमोद एवं उसके साथियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई एवं विवेचक द्वारा उपरोक्त सभी तथ्यों को विवेचना में संकलित करते हुए घटना में सम्मिलित अपराधियों की धरपकड़ के प्रयास किए गए। पुलिस टीम को दिनांक 5 मार्च को सूचना प्राप्त हुई कि उक्त प्रमोद एवं उसके साथी गाजियाबाद में माकनपुर में रह रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारीगणों से अनुमति प्राप्त कर थाना नेहरू कॉलोनी से वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेश शाह के नेतृत्व में एक टीम गाजियाबाद के लिए रवाना की गई। टीम द्वारा अथक प्रयासों से उपरोक्त घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को गाजियाबाद से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई, जिनके पास से घटना से प्राप्त नकदी बरामद हुई। उपरोक्त दोनों अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार कर नेहरू कॉलोनी लाया गया है।

*गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम*
1- बॉर्बी पुत्र कंछी निवासी मकान नंबर 105, माकनपुर थाना इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
2- प्रमोद पुत्र राजेंद्र निवासी जी 507 बाल्मीकि बस्ती शहीद नगर, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।

*गिरफ्तारी का स्थान*
घटना में सम्मिलित अन्य अभियुक्त विनोद की ससुराल इंदिरापुरम, गाजियाबाद।

*गिरफ्तारी का दिनांक*
06/03/2019

*बरामदगी*
अभियुक्त बॉबी से 15000/-
अभियुक्त प्रमोद से 5000/-

*पूछताछ का विवरण*
उपरोक्त दोनों अभियुक्त गणों को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर थाना नेहरू कॉलोनी लाया गया, जहां पर दोनों से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ में अभियुक्त गणों द्वारा बताया गया कि हम लोग ठगी करते हैं , सुबह सुबह के समय पर सवारियों को कार में बिठा कर ठगी करने की नियत से प्रमोद की जाइलो कार लेकर प्लान बनाकर हम लोग दिनांक 19 तारीख को ( 1. विनोद, 2 विनोद की पत्नी गीता 3. मनोज 4.रोहित एवं 5.बॉर्बी )पांचों जाइलो कार से गाजियाबाद से हरिद्वार आए, रात्रि में हरिद्वार रुके। सुबह 5:00 बजे से 6:00 के बीच में देहरादून पहुंचे एवं देहरादून में कार में लिफ्ट देने के लिए आईएसबीटी से हरिद्वार की ओर कार लेकर आए। कार को विनोद चला रहा था, प्लान के अनुसार हमें जिस यात्री को ठगना था, उसके सामने यह दर्शित करना था कि बाकी अन्य लोग भी जो कार में अभियुक्त गण बैठे हुए हैं वह सवारी हैं। पुरानी बाईपास चौकी के पास हमें एक व्यक्ति सड़क किनारे वाहनों इंतजार करते हुए खड़ा मिला, कार चालक विनोद ने उक्त व्यक्ति के पास कार रोककर पूछा कि कहां जाना है, उसने कहा कि मुझे ऋषिकेश जाना है। विनोद ने कहा कि कार में जो अन्य लोग बैठे हैं, सभी ऋषिकेश जा रहे हैं और मैं ऋषिकेश ही जा रहा हूं। इस पर वह हमारी कार में बैठ गया, उसे आगे की सीट में बिठा दिया। डोईवाला पहुंचने पर कार चालक विनोद द्वारा कार में बैठे सभी लोगों से कहा कि यह कार जाइलो बैंक की गाड़ी है, आगे बैंक का ऑफिस है, जिसमें उक्त कार को चैक कराना पड़ता है। किसी के पास भी पैसे, जेवर आदि हैं, वह यहां डैशबोर्ड के अंदर रख दो। इस पर प्लान के अनुसार पीछे बैठे हुए व्यक्तियों के द्वारा अपना अपना सामान विनोद को दे दिया, जिसे विनोद ने डैशबोर्ड पर रख दिया एवं वादी ने भी उनको देखकर उनकी बातों में आकर अपने पैसे एवं पर्स, एटीएम कार्ड आदि विनोद को दे दिया, जिसे विनोद ने डैशबोर्ड में रख दिया। कुछ आगे चलकर कार चला रहे व्यक्ति विनोद ने वादी से कहा कि आप 2 मिनट के लिए उतर जाओ, मैं कार को चेकिंग करा कर आ रहा हूं। वादी उसके कहने पर कार से उतर गया एवं हम सभी लोग कार लेकर वहां से फरार हो गए। आगे चलकर वादी के एटीएम कार्ड, जो दो थे, दोनों में पासवर्ड था एवं दोनों से क्रमशः 18000/- एवं 12000/- कुल ₹ 30000/- लाल तप्पड़ एटीएम से निकालें एवं फिर हम गाजियाबाद चले गए। प्लान के अनुसार हमने प्रमोद को ₹10000/- दिए। पकड़े गए अन्य अभियुक्त बॉबी द्वारा बताया गया कि कुछ दिन पूर्व प्रमोद ने हमें बताया था कि देहरादून की पुलिस हमें ढूंढ रही है क्योंकि पुलिस को कार का एड्रेस मिल गया था। इस पर प्रमोद द्वारा अन्य साथियों से कहा गया कि देहरादून में सेटिंग है, आप मुझे पैसे दो, मैं पुलिस को मैनेज करता हू। इस पर प्रमोद द्वारा अन्य अभियुक्तों से ₹ 60000/- लिए गये।
अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उक्त घटना में वादी के पास 15,000/- नगद एवं ₹ 30000/- एटीएम से निकले थे, कुल ₹ 45000 उक्त घटना से हमें मिले थे।
इस पर आज वादी को थाने बुलाकर पूछताछ की गई वादी द्वारा भी बताया गया कि उसने बढ़ा चढ़ाकर 1,65,000/- ₹ लिखवा दिया था, वास्तव में उसके 15,000 ₹ नगद एवं 30000 एटीएम से निकले थे। वादी द्वारा 165000 की बात झूठ निकली।

उपरोक्त गिरफ्तार दोनों अभियुक्त की पूछताछ एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में गिरफ्तार अभियुक्तों के अलावा चार अन्य अभियुक्त गण प्रकाश में आए हैं, जिन्हें उपरोक्त मुकदमों में वांछित किया गया है।

*वांछित अभियुक्त गण*
1.. विनोद पुत्र राजेंद्र निवासी इंदिरापुरम

2.. गीता पत्नी बॉबी निवासी मक्खनपुर थाना इंदिरापुरम गाजियाबाद

3.. रोहित उर्फ भूरी पुत्र निवासी घडोली गांव नई दिल्ली

4.. मनोज पुत्र ना मालूम निवासी मकनपुर गाजियाबाद

*वांछित कार*
DL3CBM8851zylo

*विशेष*

उक्त प्रकार की घटनाएं उन व्यक्तियों के साथ हो रही हैं जो यात्रा के दौरान अपने विवेक से कार्य नहीं करते हैं एवं थोड़े से लालच के चक्कर में टैक्सी गाड़ियों में ना बैठ कर प्राइवेट गाड़ियों में बैठ जाते हैं। उपरोक्त घटना के अभियुक्तों की पूछताछ से आम जनता से अपील है जब भी यात्रा के दौरान टैक्सी वाहनों में ही बैठे एवं बैठने से पहले अपने बैग एवं अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखें, किसी प्रकार का शक होने पर पुलिस को सूचित करें।

*पुलिस टीम*

1- थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी
2- वरिष्ठ उप निरीक्षक राकेश शाह
3- उप निरीक्षक योगेश पांडे
4- उप निरीक्षक प्रवीण
5- कॉन्स्टेबल दीप प्रकाश
6- कॉन्स्टेबल गंभीर
7- कॉन्स्टेबल विजय

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