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देहरादून,प्रदेश काँग्रेस के एस,सी,एस, टी विभाग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दर्शन लाल व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह आमने- सामने

“पुलिस के द्वारा” हिंदी मेगजीन के संवाददाता दीपक सैलवान

देहरादून,12 मई को उत्तरखंड प्रदेश के एस, एस,टी विभाग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दर्शन लाल ने कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के कार्यकाल का अनुसूचित जाति एवं जनजाति के समाज के लोगों के लिए किए गए कार्यों का विश्लेषण किया,2019 में जब उत्तराखंड सरकार द्वारा सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता की सीधी भर्ती कराई गई,तो उन सों पदों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति का एक भी पद रिक्त नहीं था।इस पर प्रीतम सिंह द्वारा अनुसूचित जाति तो छोड़ो अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए कोई आवाज नहीं उठाई गई, फिर 2020 में जब उत्तराखंड सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के पदोन्नति में आरक्षण को समाप्त किया गया,फिर भी प्रीतम सिंह खामोश रहे।2020 में जब उच्चतम न्यायालय द्वारा यह निर्णय दिया गया की अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सरकारी पदों पर क्रीमी लेयर अपनाया जाए तो प्रीतम सिंह द्वारा यह शर्मनाक टिप्पणी करना की हम उच्चतम न्यायालय का सम्मान करते हैं।तो यह अनुसूचित जाति तो छोड़ो अनुसूचित जनजाति के लोगों की भावनाओं को आहत करने जैसा तुच्छ बयान था।जब प्रीतम सिंह उत्तराखंड राज्य में कैबिनेट मंत्री थे तो अनुसूचित जनजाति एवं जनजाति का पक्ष रखने के लिए मोहम्मद इरशाद को कमेटी में उन्हें आमंत्रित किया गया था। परंतु वह उस कमेटी में शामिल नहीं हुए जिससे पूरा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लोगों की भावना कांग्रेस पार्टी के प्रति नकारात्मक हुई।दर्शन लाल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एस सी एस टी विभाग ने प्रीतम सिंह की कमी बताते हुए कहा कि उनके द्वारा लिखित उपरोक्त कथन यदि प्रीतम सिंह की चाटूकारिता करने वाले अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लोगों को आहत करती है तो वह पूरे साक्ष्य के साथ मेरे प्रति अपना विरोध प्रकट कर सकते हैं।उन्होंने ये भी कहा कि जब 2018 में मैंने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभाला तो मैं प्रीतम सिंह जी की अनुसूचित जाति एवं जनजाति विरोधी कार्यशैली से नाखुश था।कांग्रेस पार्टी के एक कर्मठ सिपाही होने के नाते यदि मैं या मेरे जैसे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के शुभचिंतक यदि चुप रहें तो उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी का आना 15 साल पीछे चला जाएगा,यदि अब भी अनुसूचित जनजाति एवं जनजाति के लोग नहीं जागे तो प्रीतम सिंह जी जैसे लोगों द्वारा हमेशा अनुसूचित जनजाति एवं एवं अनुसूचित जाति के लोगों का शोषण ऐसे ही होता रहेगा।

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