यमुना नदी में सीवरेज का गंदा नाला डाले जाने के विरोध में मां यमुना रक्षक संघ द्वारा एसडीएम विकासनगर के मार्फत राष्ट्रपति को ज्ञापन

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UK/ विकासनगर जिला संवाददाता इलम सिंह चौहान की रिपोर्ट

एंकर- जनपद देहरादून के पछवा दून विकासनगर मे मां यमुना रक्षक संघ द्वारा विकास नगर क्षेत्र जो यमुना नदी से लगता हुआ है। नगर की संपूर्ण सीवरेज की गंदगी को विकासनगर पालिका द्वारा मां यमुना नदी में डाला जाना बदस्तूर जारी है ,जिसको लेकर आज उप जिलाधिकारी विकासनगर के मार्फत राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया। गौरतलब है कि मां यमुना नदी जिसका उद्गम स्थल यमुनोत्री से होते हुए देहरादून जिले के पछवादून क्षेत्र से होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर यमुना नदी का प्रवाह है,

जिसमें सीवरेज की गंदगी गिरने से जहां नदी के पानी में गंदगी लगातार बढ़ रही है वही नदी की पवित्रता भी खत्म हो रही है ।नदी में स्नान के बाद लोग जल का आचमन भी करते हैं,

और जल को भरकर घर भी ले जाते हैं सीवरेज की गंदगी गिरने से लोगों की आस्था पर भी चोट लग रही है। बता दें कि यमुना नदी का 10 किलोमीटर क्षेत्र नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दिल्ली द्वारा आसन वेस्टलैंड के नाम से आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। जिसमें हर वर्ष सर्दियों के मौसम में विदेशों से कई विलुप्त प्रजाति के पक्षी इस क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाते हैं। सीवरेज की गंदगी यमुना नदी में डाले जाने से विलुप्त प्रजाति के विदेशी मेहमान पक्षियों के जीवन को भी खतरा पैदा हो गया है, और कहीं ना कहीं यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी उल्लंघन है।

मां यमुना रक्षक संघ के द्वारा यमुनोत्री से लेकर बनारस तक नगर पालिका, नगर निगम फैक्ट्रियों, होटलों ,ढाबों आदि से जितनी भी सीवरेज गंदी नालिया यमुना नदी में धड़ल्ले से डाली जा रही है तत्काल इस कृत्य पर रोक लगाने की महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार से मांग की। साथ ही साथ उक्त संबंधित नगर निकायों, होटलों ,ढाबों आदि पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की।

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