74वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के दूसरे दिन का शुभारम्भ एक रंगारंग सेवादल रैली द्वारा हुआ जिसमें देश एवं दूर-देशों से आये हुए सेवादल के भाई-बहनों ने भाग लिया,जालंधर पंजाब से आए हुए सेवादल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया

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74वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के दूसरे दिन का शुभारम्भ एक रंगारंग सेवादल रैली द्वारा हुआ जिसमें देश एवं दूर-देशों से आये हुए सेवादल के भाई-बहनों ने भाग लिया,
जालंधर पंजाब से आए हुए सेवादल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया

सेवादल रैली
74वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के दूसरे दिन का शुभारम्भ एक रंगारंग सेवादल रैली द्वारा हुआ जिसमें देश एवं दूर-देशों से आये हुए सेवादल के भाई-बहनों ने भाग लिया। इस सेवादल रैली में
विभिन्न खेल शारीरिक व्यायाम शारीरिक करतब फिजिकल फॉर्मेशन्स, माइम एक्ट के अतिरिक्त मिशन की सिखलाईयों पर आधारित सेवा की प्रेरणा देने वाले गीत एवं लघुनाटिकायें मर्यादित रूप में प्रस्तुत की गई।


सेवादल रैली में पंजाब से आए जालंधर के सेवादल भाई बहनों ने भी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के समक्ष मर्यादित रूप में विभिन्न प्रकार के खेल प्रस्तुत किए

सेवादल रैली को अपने आशीर्वाद प्रदान करते हुए सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि तन-मन को स्वस्थ रखकर समर्पित भाव से सेवा करना हर भक्त के लिए जरूरी है, भले वह सेवादल की वर्दी पहनकर करता हो अथवा बिना वर्दी पहने। हर एक में परमात्मा को देखकर हम घर में समाज में मानवता के लिए मन में सेवा का भाव रखते हुए जो भी कार्य करते हैं वह एक सेवा का ही रूप है। सेवा करते वक्त विवेक और चेतनता की भी निरंतर आवश्यकता होती है।

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