FeaturedUttarakhand News

बरसात व आपदा से पर्यटन पर पड़ा बुरा प्रभाव, व्यापारी परेशान।

बरसात व आपदा से पर्यटन पर पड़ा बुरा प्रभाव, व्यापारी परेशान।

मसूरी। पूरे देश में हो रही भारी बारिश व आपदा का प्रभाव मसूरी के सीजन पर भी पड़ रहा है। इन दिनों जब मसूरी की मालरोड पर्यटकों से भरी रहती थी व पर्यटक स्थल गुलजार रहते थे बारिश के कारण वीरान पड़े हैं। होटलों में केवल दस प्रतिशत ही पर्यटकों की आमद है वहीं रिक्शा चालक अपने रिक्शाओं में पर्यटकों का इंतजार कर रहे हैं।


जुलाई माह में मसूरी में पर्यटन पूरे जोर से चलता था व इन दिनों मुख्यतः पंजाब व दिल्ली हरियाणा का सीजन चलता था लेकिन पूरे देश में हो रही बारिश व आपदा के कारण पर्यटक नहीं आ पा रहा है जिस कारण पर्यटन से जुडे व्यवसायी खाली बैठे हैं व मालरोड बीरान पड़ी है। इस संबंध में होटल एसोसिएशन के महासचिव अजय भार्गव ने कहा कि इन दिनों दस प्रतिशत पर्यटक ही मसूरी में है वहीं 90 प्रतिशत बुकिंग इस बारिश के कारण निरस्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस साल सीजन पहले ही पूरे जोर से नहीं चला पहले मालरोड के कारण सीजन प्रभावित हुआ व बीस प्रतिशत कम पर्यटक आया। फिर बरसात व कांवड़ सीजन से व अब पंजाब, दिल्ली आदि में प्र्राकृतिक आपदा के कारण व हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग ठप्प सा हो गया है। जिसका प्रभाव सभी पर्यटन से जुडे व्यवसायियों पर पड़ा है आपदा जैसी स्थिति आ गई है। पर्यटकों के न आने से जहां कर्मचारियों का वेतन निकालना कठिन हो गया है वहीं इससे सरकार को भी राजस्व की हानि हुई है। गत वर्षो की अपेक्षा इस बार जीएसटी काफी कम हुआ है। जून में भी कम राजस्व एकत्र हुआ है। मसूरी पर्यटन स्थल होने के कारण सभी पर्यटन पर निर्भर रहते हैं। इससे रिक्शा चालक, टैक्सी चालक, व्यापारी व अन्य व्यवसायियों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है व दिन बैठे बैठे कट रहा है। रिक्शा चालक जयमल पंवार ने बताया कि बरसात के कारण लंबे समय से कोई रिक्शा चालक बौनी तक नहीं कर पाया। पहले तो पर्यटक नहीं है जो थोड़ा बहुत हैं भी वह स्कूटी से जा रहे है व रिक्शा श्रमिक दिन भर रिक्शा में बैठ कर पर्यटकों की रात ताकता रहता है व शाम को बिना बौनी करे घर लौट जाता है जिस कारण परिवार के पालन पोषण की भी समस्या हो गई है। इस संबंध में व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि इस बार मसूरी का सीजन कई कारणों से प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि जिसका नुकसान सभी पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सरकार को भी हुआ है। उन्हांेने बताया कि पहले सीजन में मालरोड की दशा का जिस प्रकार सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार हुआ उससे बहुत नुकसान हुआ है। वहीं उसके बाद कांवड़ सीजन में सभी रोड़े बंद हो जारी है उससे भी प्रभाव पड़ा व बाकी कसर बारिश के कारण आयी आपदा से हो गया। हिमाचल की आपदा को पहाड़ों से जोड़ कर देखा गया वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी बाढ जैसे हालात बन गये जिस कारण पर्यटक नही आ पाया इन दिनों अस्सी से नब्बे प्रतिशत गिरावट पर्यटन में आई है। उन्होंने बताया कि इसका प्रभाव पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा। हालात यह है कि मसूरी में करीब सात से आठ होटल जो लीज पर थे वह छोड़ कर चले गये वहीं मालरोड पर तीन दुकाने जो लीज पर थी खाली हो गई। क्यो ंकि जब व्यापार नहीं चल रहा तो उन्होंने दुुकान या होटल छोड़ने का मन बनाया है। इन दिनों मालरोड ऑफ सीजन की तरह खाली पड़ी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button