आर्य समाज मसूरी का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव सम्पन्न, ऋषि लंगर का आयोजन किया।
मसूरी। आर्य समाज मसूरी का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव हर्षाेल्लास से सम्पन्न हुआ। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में मेरठ से आये वैदिक प्रवक्ता आचार्य डॉ कपिल मलिक ने कहा यज्ञ सामूहिकता का प्रतीक है। अन्य उपासनाएं या धर्म प्रक्रियाएं ऐसी हैं जो अकेला कर या करा सकता है पर यज्ञ ऐसा कार्य है जिसमें अधिक जनता के सहयोग की जरूरत है। होली आदि बड़े यज्ञ तो सदा सामूहिक ही होते हैं। यज्ञ आयोजनों में सामूहिकता, सहकारिता और एकता की भावनाएं विकसित होती हैं। अपनी थोड़ी सी वस्तु को सूक्ष्म वायु रूप बना कर उन्हें समस्त जड़ चेतन प्राणियों को बिना किसी अपने पराये, मित्र शत्रु का भेद किये सांस द्वारा इस प्रकार गुप्त दान के रूप में खिला देना कि उन्हें पता भी न चले कि किस दानी ने हमें इतना पौष्टिक तत्व खिला दियाकृसचमुच एक श्रेष्ठ ब्रह्मभोज का पुण्य प्राप्त करना है। कम खर्च में बहुत अधिक पुण्य प्राप्त करने का यज्ञ एक सर्वाेत्तम उपाय है। आर्ष गुरुकुल पौंधा देहरादून से आये आचार्य धनञ्जय आर्य ने सत्यार्थ प्रकाश, ऋग्वेदआदि भाष्य भूमिका और संस्कार विधि नामक ग्रन्थों के स्वाध्याय पर बल देते हुए कहा कि संस्कारवान बनो और बच्चों को बनाओ। पंडित राजेश प्रेमी ने सुमधुर भजनों से सभी को आनंदित किया। यजमान के रूप में नरेन्द्र साहनी जी सपत्नीक रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत भूषण आर्य ने की। संचालन आनन्द रस्तोगी व प्रणव साहनी ने किया। इस अवसर पर पंडित संतलाल, रमन आर्य, धर्मप्रकाश, पुनीता अग्रवाल, साधना, सतीश रुहेला, रीना रस्तोगी, हर्ष आर्य, देवव्रत आर्य सहित सैकड़ों समाज प्रेमी मौजूद रहे।