एमपीजी कालेज में छात्रों को मोटिवेट कर सेना व अर्धसैनिक बलों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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रिपोर्टर सुमित कंसल मसूरी

एमपीजी कालेज में छात्रों को मोटिवेट कर सेना व अर्धसैनिक बलों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मसूरी। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत एमपीजी कालेज में कालेज के छात्र छात्राओं को सेना में जाने के की कैरियर काउंसलिंग करने के साथ ही टिप्स दिए व कहा कि देश की सेवा से बढ़कर कोई दूसरी सेवा नहीं है जिसका लोग गर्व से सम्मान करते हैं। इस मौके पर उन्होंने सेना में जाने के बारे में विस्तार से बताया।
एमपीजी कालेज में आयोजित एक कार्यक्रम में आईटीबीपी के सहायक सेनानी सपेंद्र कुमार सेठी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना या अर्ध सैनिक बलों में सेवा करने से व्यक्तित्व का विकास होता है व उनमें देश भक्ति के साथ अनुशासन, व स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने को बल मिलता है।

उन्होंने सेना या अर्ध सैनिक बलों में किस तरह भर्ती के लिए तैयार होना है उसकी विस्तार से जानकारी दी वहीं बताया कि अगर भर्ती होने वाले की पढ़ाई अच्छी है तो उन्हें आगे बढ़ने का भरपूर अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि सेना में अन्य सरकारी सेवाओं से अधिक वेतन व भत्ते भी मिलते है वहीं समाज अन्य सरकारी सेवाओं के बड़े अधिकारियों से अधिक बड़े गर्व की दृष्टि से देखता है। अगर कहें कि वर्दी पहने व्यक्ति की अलग पहचान होती है व उन्हें लोग बड़े सम्मान से देखते हैं। वहीं स्पोर्टस को विशेष वरीयता दी जाती है तथा बल के जवान राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल लाते रहते हैं वहीं उनके बच्चों की पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी व्यवस्था सरकार की ओर से होती है तथा उनके परिवारों के लिए भी सभी व्यवस्थाएं सरकार की ओर से होती है वहीं शहीद होने वाले परिवारों की पूरी जिम्मेदारी बल की होती है तथा उन्हें हर स्तर पर सहयोग दिया जाता है उनके परिवारों से समय समय पर मिला जाता है। वहीं सेवा समाप्त होने के बाद भी उन्हें पूरी सुविधाएं प्रदान की जाती है। उन्होंने छात्र छात्राओं का आहवान किया कि वह अपने कैरियर में प्राथमिका सेना व अर्धसैनिक बलों को दे व भारत माता की सेवा के लिए आगे आये। इस मौके पर सेवा निवृत्त उप सेनानी राजश्री रावत ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने बल में एसआई से सेवा शुरू की व उप सेनानी पद से सेवा निवृत्त हुई। उन्होंने छात्रों का आहवान किया कि वे अपने लक्ष्य को लेकर चले व उसे जब तक प्राप्त नहीं कर लेते उसके लिए कड़ी मेहनत करते रहे। उन्होंने कहा कि मसूरी के छात्र बहुत कम है जो आगे बढ़ पाते हैं अधिकतर छात्र अपने लक्ष्यों से भटक गये है जिन्हें मोटीवेट करने की जरूरत है और वह छात्रों को मोटीवेट करने व उनकी कांउंसलिंग करने के लिए तैयार हैं। ताकि वे अपने भविष्य को उज्जवल बना सकें। इस मौके पर कालेज के प्रधानाचार्य डा. सुनील पंवार ने कहा कि आईटीबीपी के अधिकारियों ने छात्रों को बहुत अच्छी तरह से मोटीवेट किया व उनमें सेना में जाने का जज्बा भरा इसके लिए उनका विशेष आभार व्यक्त करते हैं। वहीं कालेज छात्रसंघ अध्यक्ष प्रिंस ने कहा कि निश्चित ही इस प्रेरणादाय कार्यक्रम से छात्रों में सेना व अर्धसैनिक बलों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया व उम्मीद है कि छात्र इस अवसर का पूरा लाभ लेकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होगें। इस मौके पर कालेज के डा. विजय पाल चौहान, डा. लीपिका कंबोज, शालिनी गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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