नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026। इंडियन किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड, नई दिल्ली चौधरी रामकुमार वालिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और कथित कालाबाजारी पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में वालिया ने कहा कि वर्तमान समय में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि चीनी को तत्काल जीएसटी से मुक्त किया जाए, ताकि इसकी कीमतों में कमी आए और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
वालिया ने ज्ञापन में कहा कि देश में चीनी की कुल आवश्यकता करीब 290 लाख टन है, जबकि उपलब्धता और उत्पादन को लेकर पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद बाजार में कीमतों में तेजी चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा चीनी की कालाबाजारी किए जाने के कारण आम जनता को महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार चीनी की कालाबाजारी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाती है तो उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। उनका कहना है कि चीनी उद्योग और किसानों के हितों के साथ-साथ आम जनता के हितों की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
इंडियन किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों का तत्काल संज्ञान लेते हुए चीनी को जीएसटी से मुक्त नहीं किया और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कठोर कार्रवाई नहीं की, तो संगठन देशभर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
ज्ञापन में चौधरी रामकुमार वालिया ने प्रधानमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आम जनता और किसानों को राहत दिलाने की अपील की है।
हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी को लेकर बाजार में भी चर्चा तेज हुई है, हालांकि चीनी उद्योग संगठन ने देश में चीनी की कमी से इनकार करते हुए आने वाले दिनों में कीमतों में नरमी की संभावना जताई है।