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पंप ऑपरेटर्स की पीड़ा को मोर्चा ने रखा प्रमुख अभियंता के समक्ष, मेहनताना मिलता है सिर्फ 5700 रुपए


श्री पांडे ने पूरे प्रकरण का परीक्षण करवाकर बहुत जल्दी समाधान की बात कही। नेगी ने कहा कि उक्त ऑपरेटर्स कई- कई वर्षों से यानी लगभग 15-17 साल से कार्य कर रहे हैं, लेकिन मेहनताना के नाम पर इपीएफ व ईएसआई काटकर मात्र 5700 रुपए थमाकर विभागीय ठेकेदार द्वारा इति श्री की जा रही है। एक तरह से इन कर्मचारियों की 24 घंटे की ड्यूटी है | इन कर्मचारियों का इतना बड़ा शोषण कई- कई वर्षों से हो रहा है, लेकिन चुने हुए जनप्रतिनिधि व सरकार/ शासन खामोश क्यों है। शासन और संबंधित विभाग इस संबंध में क्यों मॉनिटरिंग नहीं करते! इन कर्मचारियों को सरकार/ श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर वेतन इत्यादि मिलना चाहिए। इन कर्मचारियों ने यह सोचकर अपना जीवन इसमें खपा दिया कि कभी तो अच्छे दिन आएंगे, लेकिन इनको क्या खबर कि यह सिर्फ और सिर्फ प्राइवेट ठेकेदारी के माध्यम से कार्योजित हैं, जिनका कभी भला नहीं हो सकता। दुर्भाग्य की बात है कि जिन विधायकों को इन्होंने चुनकर भेजा था वे सिर्फ और सिर्फ अपने वेतन- भत्ते बढ़ाने, रेत- बजरी- शराब के काले कारोबार, ठेकेदारी व अपना आर्थिक साम्राज्य विस्तार करने में लगे हैं। मोर्चा को भरोसा है कि इन ऑपरेटर्स की मांग जल्द पूरी होगी। प्रतिनिधि मंडल में -हाजी असद, प्रवीण शर्मा पिन्नी व ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह बिष्ट मौजूद थे।