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अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर आयोजित वार्षिक मेला एवं रथयात्रा महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज ही के दिन देश में दो महान विभूतियों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और दूसरे मां भारती के सच्चे सपूत व भारत रत्न से अलंकृत पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म हुआ।
उन्होंने दोनों महामानवों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके स्थापित किए आदर्शों को आत्मसात करने का प्रण लेने की बात कही। इन दोनों की जीवन यात्रा देश की हर पीढ़ी को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी संस्कृति और दर्शन में जैन धर्म का अतिविशिष्ट स्थान है। जैन धर्म में प्राणी मात्र के कल्याण की भावना निहित है। अहिंसा जैन धर्म का प्रमुख आधार है और जैन धर्म के अनुयायी के जीवन में अहिंसा को सर्वाेच्च स्थान दिया गया है।
महात्मा गांधी जी के पूरे जीवन एवं विचारों में सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के साक्षात् दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा जैन दर्शन के ही अनुरूप गांधी जी ने भी आजीवन सिद्धांतों पर अटल रहते हुए सामाजिक, नैतिक और आर्थिक प्रगति को सुनिश्चित करने की शिक्षा दी। राष्ट्रपिता ने अहिंसा का एक ऐसा प्रायोगिक रूप प्रस्तुत किया जिससे पूरी दुनिया ने परतंत्रता के बंधन तोड़े।