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कार्यालय की मांग को लेकर जल संस्थान कर्मचारी संध ने सांकेतिक धरना दिया।

कार्यालय की मांग को लेकर जल संस्थान कर्मचारी संध ने सांकेतिक धरना दिया।

मसूरी। जल संस्थान कर्मचारी संघ मसूरी ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जल संस्थान कार्यालय के लिए नगर पालिका व एमडीडीए द्वारा भूमि उपलब्ध न कराये जाने के विरोध में सांकेंतिक धरना दिया जिसमें मसूरी के विभिन्न संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है।
जल संस्थान मसूरी के कार्यालय को 4 सितंबर से पूर्व कोर्ट के आदेश के बाद खाली करना है लेकिन नगर पालिका व एमडीडीए ने उन्हें अभी तक कोई स्थान उपलब्ध नहीं कराया है।

जल संस्थान कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रामचद्र सेमवाल ने कहा कि पूर्व में टाउन हाल में जल संस्थान का कार्यालय था जिसे तोड़े जाने पर पालिका ने नये टाउन हाल में स्थान उपलब्ध कराने को कहा था लेकिन अब पालिका एमडीडीए पर ठीकरा फोड़ रही है वहीं एमडीडीए इसे नगर पालिका का मामला बता रहे हैं। अगर स्थान नहीं मिला तो मसूरी की जनता को परेशान होना पड़ेगा व विभाग को मजबूर दूरस्थ क्षेत्र में कार्यालय बनाना पडेगा। उन्होंने कहा कि हमारी मांग जायज है, जब तक कार्यालय नहीं मिलता आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जायेगा। जिसके तहत 23 से एक दिवसीय सामूहिक अवकाश व 25संे अनिश्चित कालीन हडताल की जायेगी। उन्होंने कहा कि जल संस्थान कर्मचारी यूनियन के महासंघ ने भी समर्थन दे दिया है व समस्या के समाधान न होने पर पूरे प्रदेश में हड़ताल की जायेगी। पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह ने कहा कि इसमें सबसे बड़ी गलती विभाग की है क्यो कि जब उन्हें पता था कि कोर्ट से हारने वाले हैं तो पहले ही व्यवस्था की जाती। लेकिन अधिकारी चिंतित नहीं हैं। जबकि पूर्व में पालिका ने टाउन हाल के बगल में भूमि देने की बात की लेकिन वहां पहले ही चार कर्मचारी रह रहे है। पहले उन्हें विस्थापित किया जाय तब कार्यालय बनेगा वहीं कार्यालय हटाने पर मसूरी की चालीस हजार जनता व आठ हजार से अधिक उपभोक्ताओं को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि जब तक व्यवस्था नहीं होती तब तक टाउन हाल की छत या लंढौर रोड पर पार्किंग में अस्थाई कार्यालय दिया जाय ताकि जनता को परेशानी न हो। इस मामले में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद पेयजल मंत्री भी है उनके द्वारा जब एक कार्यालय की व्यवस्था नहीं हो पा रही तो समझ लेना चाहिए कि प्रदेश सरकार की स्थिति क्या है। इसे हटाने से मसूरी की आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पडेगा। कार्यालय दूर जाने पर कर्मचारियों को भी परेशानी होगी। कांग्रेस कर्मचारियों के साथ है व शहर में जल संस्थान का कार्यालय यहीं पर रखा जाय व तब तक शहर के बीच अस्थाई कार्यालय स्थापित किया जाय। व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि मसूरी जल संस्थान का कार्यालय दूर दराज में स्थापित करने की बात की जा रही है जिससे आम जनता को भारी परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास कार्यालय की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में शहर के अंदर कार्यालय की व्यवस्था नहीं की गई तो मुख्यमंत्री आवास कूच किया जायेगा। इससे मसूरी की छवि भी खराब होगी। इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, जगजीत कुकरेजा, नागेद्र उनियाल, सहित जल संस्थान के कर्मचारी सांकेतिक धरने पर मौजूद रहे।

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