सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं पर्वतीय मार्गों पर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, सहिया एवं चकराता द्वारा तीन दिवसीय संयुक्त सड़क सुरक्षा सर्वेक्षण किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा हरिपुर से त्यूनी वाया मीनस, त्यूनी से खूनीगाड़ तथा त्यूनी-कथियान मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान दुर्घटना संभावित स्थलों एवं ब्लैक स्पॉट की पहचान करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों को चिन्हित किया गया।
पर्वतीय मार्गों पर सड़क सुरक्षा की दृष्टि से क्रैश बैरियर, डेलीनेटर, कैट्स आई एवं रिफ्लेक्टर आदि की शत-प्रतिशत उपलब्धता एवं स्थापना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित मार्गों पर जहां भी सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता पाई गई, वहां आवश्यक कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग को अवगत कराया गया।
संयुक्त सर्वेक्षण के दौरान परिवहन विभाग की टीम द्वारा मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत लगभग 33 वाहनों के चालान भी किए गए। इनमें बिना ड्राइविंग लाइसेंस, बिना परमिट, बिना टैक्स तथा बिना फिटनेस वाहन संचालन सहित विभिन्न अभियोग शामिल रहे। विभाग द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने तथा वैध दस्तावेजों के साथ ही वाहन संचालित करने के लिए जागरूक भी किया गया।
संयुक्त सर्वेक्षण में परिवहन विभाग की ओर से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुशील निरंजन तथा सहायक परिवहन निरीक्षक दीपक कुमार, अर्जुन सिंह एवं नरेश कुमार शामिल रहे। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिशासी अभियंता विजय कुमार मोघा, अनुज भारद्वाज एवं सहायक अभियंता जे.डी. कांडपाल ने सहभागिता की।
अधिकारियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इंजीनियरिंग, प्रवर्तन एवं जागरूकता—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। इस प्रकार के संयुक्त सर्वेक्षणों के माध्यम से दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे, ताकि पर्वतीय मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।