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एक था गांव व गंगा कथा फिल्म प्रदर्शित करने के साथ मसूरी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ।

एक था गांव व गंगा कथा फिल्म प्रदर्शित करने के साथ मसूरी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ।

मसूरी। कुलड़ी स्थित एक होटल के सभागार में मसूरी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया गया जो 29 दिसंबर तक चलेगा। इस मौके पर लघु फिल्म निर्माता सृष्टि लखेड़ा की एक था गांव दिखाई गयी वहीं दूसरी फिल्म गंगा कथा दिखाई गई जिसके निर्माता लोकेश ओहरि है। इस मौके पर बड़ी संख्या में सिने प्रेमी मौजूद रहे।


मसूरी फिल्म फंेस्टिवल के बारे में जानकारी देते हुए फिल्म फेस्टिवल के निदेशक व आयोजक गोपाला कृष्णा ने बताया कि मसूरी ंइंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने का उददेश्य है कि उत्तराखंड व गढवाल क्षेत्र में किस तरह सिनेमा को प्रोत्साहित व बढावा दिया जाय। उसके लिए एक प्लेट फार्म की जरूरत महसूस हो रही थी जिसके माध्यम से यह आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि यहां पर फिल्म निर्माण की अपार संभावनाए हैं, लेकिन यहां पर ऐसा कोई प्लेट फार्म नहीं है जो मुंबई, हैदराबाद आदि में है इसको ध्यान में रखकर यह आयोजन किया गया ताकि उत्तराखंड में फिल्म निर्माण करने वालों को प्रोत्साहन व अवसर मिल सके। इसमें वर्कशाप आयोजित की जा रही है ताकि इस क्षेत्र में कार्य करने वालों को सीखने का अवसर मिल सके वहीं लोगों से मिलकर नये आइडिया आते हैं जिसका उपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि मसूरी में फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने का यह भी मकसद है कि मसूरी शहर का इतिहास व चरित्र फिल्मो, थियेटर व कलाआंे से जुड़ा रहा है, मसूरी में देश का दूसरा इलेक्ट्रिक सिनेमा हाल रहा है वहीं मसूरी में छह से अधिक सिनेमा हाल थे वहीं कई फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं, निदेशकों का मसूरी से नाता रहा है वहीं उत्तराखंड सरकार फिल्मों को बढावा देने का प्रयास कर रही है। इस प्रोटेंशल को धरातल पर लाने के लिए इस तरह के आयोजन जरूरी हैं ताकि आने वाले समय में यह फिल्म निर्माण का डेस्टिनेशन बन सके। जब यहां पर फिल्में बनेगी तो इससे यहां की आर्थिकी भी मजबूत होगी। पहले दिन एक था गांव प्रदर्शित की गई जिसे विश्व में कई अवार्ड सहित नेशनल अवार्ड मिला है वहीं नमामि गंगे के तहत गंगा कथा प्रदर्शित की गई। इस मौके पर गंगा कथा के निर्माता लोकेश ओहरि ने बताया कि यहं फिल्म चार भाग में है जो नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा, इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्टएंड कल्चर हेरिटेज के तहत बनाई गई है। फिल्म गंगा नदी की सांस्कृतिकऔर अमूर्त विरासत व नदी के आसपास रहनेवाले समुदायों के पहलुओं को दर्शाया गया है। जिसके पहले पार्ट में गंगा के दर्शन शास़्त्र, इसके महत्व को दिखाया गया है दूसरे पार्ट में गंगा के दोनों तटो के आस पास जो विरासत है भवन है उन्हें दिखाया गया व उसके महत्व पर प्रकाश डाला गया है तीसरे पार्ट में गंगा की प्राकृतिक सुंदरता व वन्य जंतु के बारे में है व चौथे पार्ट में गंगा से जुड़े शहरों के खान पान कला, इतिहास आदि को दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि मसूरी आकर अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि मसूरी के लोगों को यहां आकर देखना चाहिए सीखना चाहिए व फिल्म मेकरों को यहां की सुंदरता को देखते हुए फिल्म निर्माण करना चाहिए। इस मौके पर संदीप साहनी, निकिता सहित अभिनेता मेजर मोहम्मद अली शाह सहित फिल्म निर्माता व दर्शक मौजूद रहे।
बाक्स- मसूरी इंटर नेशनल फिल्म फेस्टिवल का दूसरा सत्र लाइब्रेरी स्थित एक होटल में किया गया जिसमें फिल्मों पर पैनल चर्चा की गई जिसमे उत्तराखंड में फिल्मों और फिल्म निर्माण पर मंथन किया गया। पैनल चर्चा में फिल्म अभिनेता मोहम्मद अली शाह, फिल्म निदेशक शुभदर्शनी सिंह ने प्रतिभाग किया। वहीं इस मौके पर एक युग की कहानी फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ कार्यक्रम समापन किया गया।

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