देहरादून। कांग्रेस डोईवाला विधानसभा प्रत्याशी गौरव सिंह ने कहा है कि 2012 से 2022 तक विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार व उनके प्रत्याशियों द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में जनता से वोट बटोरने के लिए बड़े-बड़े वायदे किये गये, पर डोईवाला में कितने कार्य धरातल पर है, आज कॉंग्रेस इन विधायकों से सवाल पूछना चाहती है।
यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस डोईवाला विधानसभा प्रत्याशी गौरव सिंह ने आज प्रेस वार्ता कर कहा कि डोईवाला विधानसभा में बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं, जिन्हें भाजपा सरकार और डोईवाला विधायक द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। जबकि भाजपा के घोषणा पत्र में जनता से इन समस्याओं के निराकरण का वायदा किया गया था। लेकिन डोईवाला की भोली-भाली जनता के साथ अब वादा खिलाफी की जा रही है। चुनावी घोषणा पत्र में इतने वायदे करने के बावजूद एक भी कार्य की शुरुआत नही की गयी है।
उन्होंने कहा कि जबकि भाजपा सरकार द्वारा डोईवाला में कैंसर हॉस्पिटल, बस अड्डा, कोस्ट गार्ड ट्रेनिंग सेंटर, लॉ कॉलेज, सोंग नदी स्थित गूलर घाटी से कालूवाला तक पुल का निर्माण, सुसवा नदी स्थित बुल्लावाला सत्तीवाला मार्ग पर पुल का निर्माण, बालावाला में डिग्री कॉलेज का निर्माण, व डोईवाला दूधली मार्ग के चौड़ी करन का कार्य जैसी आठ मुख्य घोषणाओं पर अभी तक कार्य की शुरुआत नही की गई है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा वर्ष 2012 के बाद लघु सिंचाई एवं सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की मरम्मत के लिए कोई बजट विभाग को नही मिला है। ओर इस समय सिंचाई नहरें पूरी तरह जर्जर हैं। जिससे किसानों को अपने खेतों में पानी ले जाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डोईवाला में एकमात्र आईटीआई को बंद कर दिया गया वहीं डोईवाला डिग्री कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल का कार्य सुस्त गति से चल रहा है, जिसका लाभ कॉलेज की छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि डोईवाला के एक मात्र सरकारी अस्पताल को पीपीपी मोड से हटे एक वर्ष से ऊपर का समय हो गया है, परंतु अभी तक अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति नही की गयी। ओर यह अस्पताल अब स्टाफ की कमी से स्वयं भी मरीज ओर लाचार बन चुका है। जिसमें डोईवाला की जनता को उचित उपचार के लिए जूझना पड़ रहा है। वहीं डोईवाला क्षेत्र के विस्थापित, भानियावाला, आर्य नगर, प्रेमनगर, रानी पोखरी, बड़कोट, लिस्ट्रा बाद, व पर्वतीय इलाकों के सनगांव, धारकोट, सिंधवाल गांव आदि गांव की जनता पेयजल की भारी किल्लत से जूझ रही है। जबकि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाईप लाइनें भी बिछा दी गयी है। ओर सरकारी तंत्र की ढीली चाल का खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस अवसर पर वार्ता में लालचन्द शर्मा, अश्वनी बहुगुणा आदि शामिल रहे।