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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में प्रभावितों से मिलकर हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया, प्रभावितों के साथ सीएम भी हुए भावुक


लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घडी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित लोगों के साथ खडी है। जोशीमठ का धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है और हम सबकी आस्था व पर्यटन का केन्द्र है।
इस समय हम सबके सामने इस सबसे पुराने ज्योतिर्मठ को प्राकृतिक आपदा से बचाने की बडी चुनौती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस स्थिति में जानमाल की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भुधंसाव से प्रभावित संकटग्रस्त परिवारों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
भूधंसाव रोकने के लिये तात्कालिक तथा दीर्घकालीक कार्य योजना पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। खतरे की जद में आए पूरे शहर में सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। जिसके लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। शहर की सुरक्षा के लिए सीवर एवं ड्रेनेज जैसे कार्य को जल्द से जल्द ही कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत इस समय तत्कालिक रूप से जो कार्य हो सकते उन पर फोकस किया जा रहा है। समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाना जरूरी है।
आईटीबीपी अतिथि गृह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों के साथ जोशीमठ की मौजूदा स्थिति को लेकर गहनता से विचार विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से जोशीमठ शहर को बचाना हम सबके सामने बडी चुनौती है। संकट की इस घडी में आरोप प्रत्यारोप से हटकर एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया राहत शिविरों में रहने की समुचित व्यवस्था की जाए। राहत शिविरों में चिकित्सा उपचार की भी सभी सुविधाएं उपलब्ध रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जोशीमठ में सेक्टर और जोनल वार योजना तैयार करें। डेंजर जोन को तत्काल खाली करवाया जाए। स्थाई पुनर्वास के लिए सुरक्षित जगह तलाशी जाए। सहायता शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं हों। सभी विभाग टीम भावना से काम करे तभी हम लोगों की बेहतर ढंग से मदद करने में सफल होंगे।