अपराध होने पर चौकी, थाना, सर्कल और जिला स्तर पर तय हो पुलिस की जवाबदेही: धस्माना
देहरादून, 8 अक्टूबर। राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद वर्धन से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को चौकी, थाना, सर्कल और जिला स्तर पर अपराधों के लिए जवाबदेह बनाने की मांग की।
धस्माना ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत से ही राजधानी देहरादून में लगातार गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने परेड ग्राउंड में प्रेस क्लब के सामने युवक की हत्या, राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल में शूटआउट में युवक की हत्या, जोहड़ी गांव में गैंगवार के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत, पल्टन बाजार में युवती की हत्या, भाजपा पार्षद अमिता सिंह के परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर लूट और मंगलवार को रायपुर थाना क्षेत्र के विष्णु लोक में हुए तिहरे हत्याकांड का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि लगातार हो रही इन घटनाओं से राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और आम जनता में भय का माहौल है। सबसे अधिक चिंता उन वरिष्ठ नागरिकों की है, जो अकेले रह रहे हैं। पुलिस को ऐसे लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए।
धस्माना ने आरोप लगाया कि पड़ोसी राज्यों के अपराधी भी देहरादून को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बड़ी आपराधिक वारदात के बाद पता चलता है कि दूसरे राज्य का अपराधी लंबे समय से देहरादून में रहकर व्यवसाय कर रहा था।
उन्होंने मुख्य सचिव से मांग की कि गृह विभाग और पुलिस महकमे को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि किसी भी जघन्य आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित चौकी, थाना, सर्कल और जिला स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी और पुलिसिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके बाद शाम पांच बजे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से भी मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। धस्माना ने DGP से पुलिस तंत्र को प्रभावी बनाने और देहरादून की जनता में व्याप्त भय को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। DGP दीपम सेठ ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वह इस पूरे मामले को गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर स्वयं मॉनिटर करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस श्रम विभाग के अध्यक्ष दिनेश कौशल, पूर्व प्रदेश महासचिव जगदीश धीमान और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित खन्ना शामिल रहे।