बहुजन समाज के इतिहास और साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक लोगों से अकादमी से जुड़ने का आह्वान
देहरादून, 6 अक्टूबर। भारतीय दलित साहित्य अकादमी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सोहन पाल सुमनाक्षर का 87वां जन्मदिन मंगलवार को देहरादून में उत्तराखंड शाखा की ओर से समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, साहित्यकारों एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. सुमनाक्षर के स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घ जीवन की कामना करते हुए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय दलित साहित्य अकादमी उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह ने अकादमी की ओर से साहित्य सृजन और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के इतिहास और संघर्ष को साहित्य के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक लेखक, बुद्धिजीवी और साहित्यकार अकादमी से जुड़ें।
विशिष्ट अतिथि देवेंद्र सिंह ने अकादमी के 42 वर्षों के सफर में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवेश में हो रहे बदलावों के बीच समाज के लोगों को उचित दिशा और मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर भी विचार रखे।
समारोह में कोटद्वार से पहुंचे सुरेंद्र लाल आर्य, दिलीप चंद आर्य, रघुनाथ लाल आर्य, कुमारी विमला, चंदन सिंह, पूर्व जिला न्यायाधीश चिरंजी लाल, अकादमी के महामंत्री चंद्रपाल सिंह, विकास चौहान, प्रीतम सिंह कुलवंशी, सुरेंद्र कुमार कर्णवाल, चंद्र किरण वर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से केक काटकर डॉ. सोहन पाल सुमनाक्षर का जन्मदिन मनाया और उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सभी ने उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की।