उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर अवैध हथियार रखने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। STF ने एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से फर्जी शस्त्र लाइसेंस, .30 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जांच में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैले नेटवर्क के तार जुड़े पाए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोज पुत्र भोपाल सिंह, निवासी ग्राम भैंसवाल, थाना गढ़ीपुख्ता, जनपद शामली (उ.प्र.) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में प्रेमनगर क्षेत्र के केहरीगांव में रह रहा था। STF की टीम ने उसे देर रात प्रेमनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों के अपराधी फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में दर्ज करा रहे हैं। जांच के दौरान शस्त्र लाइसेंस संख्या 3805 की पड़ताल की गई, जो सिरसा से मेरठ होते हुए देहरादून स्थानांतरित दिखाया गया था। जब सिरसा जिलाधिकारी कार्यालय से सत्यापन कराया गया तो पता चला कि उक्त लाइसेंस कभी जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद STF ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ थाना प्रेमनगर देहरादून में मु.अ.सं. 09/2026, धारा 420, 467, 468, 471 भादवि एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उत्तराखंड के कई जनपदों में फर्जी शस्त्र लाइसेंस दर्ज कराए गए हैं। STF अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। STF के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी, बलवा और जान से मारने की धमकी जैसे कई मामले दर्ज हैं। अन्य राज्यों से भी उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद सामान एक अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर) पांच जिंदा कारतूस एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस।