रुड़की, 9 अक्टूबर। नेहरू स्टेडियम, रुड़की में शुक्रवार को गांधी शिल्प बाजार एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया। प्रदर्शनी का आयोजन मैसर्स नवज्योति हस्तशिल्प/हथकरघा विकास संस्थान, हरिद्वार की ओर से किया जा रहा है, जबकि प्रायोजक कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार है।
उद्घाटन अवसर पर आयोजकों की ओर से कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा का बुके एवं फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इस दौरान मंत्री ने देशभर से आए शिल्पियों और बुनकरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गांधी शिल्प बाजार जैसी प्रदर्शनियों के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों और भारत की प्राचीन हस्तशिल्प परंपराओं का प्रचार-प्रसार हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने तथा पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करते हैं।
हस्तशिल्प सेवा केंद्र, देहरादून के सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) गोपेश कुमार मौर्य ने बताया कि गांधी शिल्प बाजार में उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रदर्शनी का उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हथकरघा कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के साथ ही शिल्पकारों को उनके उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
प्रदर्शनी में विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों द्वारा तैयार शॉल,स्टोल,साड़ी,कुर्ती,दरी, कालीन,बेंत एवं बांस से निर्मित कलात्मक वस्तुओं समेत अनेक हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। यहां आने वाले लोगों को देश की क्षेत्रीय कलात्मक विविधता और शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल को करीब से देखने और उत्पाद खरीदने का अवसर मिल रहा है।
आयोजकों ने कहा कि हस्तशिल्प देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रकार की प्रदर्शनियों से शिल्पकारों को उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने, अपने उत्पादों का विपणन करने और नए बाजार तलाशने में मदद मिलती है। साथ ही पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करने में भी ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नवज्योति हस्तशिल्प/हथकरघा विकास संस्थान के सचिव एवं प्रदर्शनी आयोजक रामकुमार पाल ने नगरवासियों से अपील की कि वे प्रदर्शनी में पहुंचकर शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करें तथा हस्तनिर्मित और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर भारतीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा परंपरा के संरक्षण में योगदान दें।
कार्यक्रम का संचालन अमर बेनीवाल ने किया। इस अवसर पर हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी (एचपीओ) उज्ज्वल कुमार, कार्यदायी संस्था की ओर से रामकुमार पाल, राजेंद्र सिंह पाल (संरक्षक, पाल समाज), सतीश फौजी, राजकुमार, मुकेश कुमार, निकिता, राजकुमार पाल, कंवरपाल, मुनेश कुमार, विकास पाल, शिवलाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।