धनतेरस पर लंढौर बाजार में भारी भीड़ उमड़ी, व्यवसायियों के चेहरे खिले।
मसूरी। धनतेरस का पर्व पर्यटन नगरी में धार्मिक पंरपराओं के साथ मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने परंपरा के अनुसार बाजारों में जाकर बर्तन व सजावट का सामान खरीदा व चांदी के सिक्के सहित अन्य सामान खरीदा। इस दौरान विशेष कर लंढौर बाजार में खासी रौनक रही। जिसके कारण व्यवसायियों के चेहरे खिले रहे व जमकर धन की वर्षा हुई।
धनतेरस के पर्व पर लंढौर बाजार की सजावट देखते ही बनती है। यह मसूरी का एकमात्र बाजार है जहां पर लोग दीपावली का सामान खरीदने आते है जिसके कारण पूरे दिन व शाम तक दुकानों में भारी भीड़ लगी रही। सबसे अधिक भीड़ ज्वैलर्स व बर्तनों की दुकानोें पर लगी रही। धनतेरस पर्व पर धार्मिक परंपरा है कि कोई न कोई बर्तन या चांदी का सिक्का खरीदा जाय इसे शुभ माना जाता है। धनतेरस पर्व पर लंढौर बाजार की रौनक देखते ही ेबनती है हर दुकान पर भीड़ लगी रही व बाजार में पैर धरने की जगह भी नहीं दिख रही थी। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने लंढौर बाजार में वाहनों के चलने पर रोक लगा रखी थी ताकि कोई दुर्घटना न हो, केवल दुपहिया वाहनों को ही अनुमति दी गई। बाजार में खरीददारी करने उमड़े लोगों के कारण व्यवसायियों के चेहरे खिल गये व जमकर धन की वर्षा हुई। मौसम ने करवट बदली, आसमान में छाये बादल, हल्की बूंदाबूंदी। मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में अचानक मौसम ने करवट बदली व आसमान में बादल छा जाने के कारण सर्दी बढ गयी। जिसके कारण लोगों को गर्म कपडे पहनने पर मजबूर होना पड़ा। दीपावली के बाद हर वर्ष ठंड बढ जाती है लेकिन इन बार विगत दिनों से मौसम खुशगवार था व दिन में अच्छी धूप होने के कारण लोगों के ठंड का अहसास रात व सुबह के समय होता था लेकिन धनतेरस के दिन अचानक सुबह से ही आसमान में बादल छाने लगे व दोपहर तक घने बादल छा गये व उसके बाद हल्की बूंदाबूंदी होने लगी जिस कारण दिन में ही कड़ाके की सर्दी हो गयी। ठंड बढने से लोंगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा व गर्म कपड़े पहनने को मजबूर होना पडा। धनतेरस होने के कारण बाजार में लोगों ने सजावट का सामान व पटाखे आदि लगा रखे थे जिस कारण दुकानदारों को लगा कि बारिश से व्यवसाय प्रभावित होगा लेकिन बूंदाबूदी के बाद बारिश रूक गई जिस कारण दुकानदारों ने राहत की सांस ली। कडाके की सर्दी होने के बाबजूद बाजारों में रौनक रही।