सतपाल महाराज ने कहा जार्ज एवरेस्ट के साथ राधानाथ सिकधर का नाम जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।
मसूरी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने जार्ज एवरेस्ट हाउस पर्यटक स्थल का निरीक्षण किया व सर जार्ज एवरेस्ट हाउस मंे बने म्यूजियम में जार्ज एवरेस्ट के सर्वे में उपयोग किए गये यंत्रों सहित एवरेस्ट की उंचाई नापने में सहयोग करने वाले राधानाथ सिकधर, पं. नैन सिंह व किशन सिंह रावत के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस मौके पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जार्ज एवरेस्ट में बनाये गये कार्टोग्राफी 23 करोड़ 52 लाख की लागत से बनाया गया व उसे पद्यति से बनाया गया जिस तरह पूर्व में ब्रिटिश काल में बनाया गया है। कार्टोग्राफी म्यूजियम देश का पहला म्यूजियम है। उन्होंने कहा कि प. नैन सिंह रावत व राधानाथ सिकधर की उपलब्धियों को दर्शाया गया है कि उन्होंने किस तरह पीक 15 को नापा उसके बारे में जानकारी दर्शायी गई है। व हमारे नाविक सिस्टम को दिखाया गया है जिससे बच्चों का ज्ञान वर्धन होगा साथ ही जो विज्ञान व कार्टोग्राफी का ज्ञान रखते है उनके लिए बहुत उपयोगी है। किस तरह से उन्होंने कन्याकुमारी से यहंा तक जंजीर से नापा है यह अदभुत कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि जब राज्यपाल यहां आये तो कार्टोग्राफी म्युजियम देख कर बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने कहा कि जिन्होेने इसमे सहयोग दिया है उन्हंे सम्मानित करना चाहता हू जिस पर उन्हें आने वाले समय में सम्मानित किया जायेगा। उन्हांेने कहा कि यह हमारी धरोहर है जो पर्यटक यहां इसे देखने आयेगे वह निश्चित इसकी सराहना व ज्ञानवर्धन करेंगे। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर सम्मेलन में भी जार्ज एवरेस्ट व राधानाथ सिकधर व नैन सिंह के बारे में बताया गया। उन्होंने कहाकि जार्ज एवरेस्ट के साथ राधानाथ सिकधर का नाम जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री व अतर्राष्ट्रीय स्तर पर पत्र भेजा जायेगा। क्योंकि जार्ज एवरेस्ट तो सर्वेयर थे लेकिन सिकध रवह भारतीय व्यक्ति थे जिन्होंने एवरेस्ट को नापा था। क्योंकि सिकधर पहले बंगाली थे जिन्होंने एवरेस्ट को नापा था। उन्हांेने कहा कि जार्ज एवरेस्ट पहुंचने के मार्ग को ठीक किया जायेगा व इलेकट्रानिक व्हेकल्स तथा गोल्फकार्ट चलायी जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहंा से हिमालय व मसूरी दर्शन हैली पैड का नाम भी सिकधर के नाम पर रखा गया है। इसके साथ ही जो टूर आपरेटर्स है उन्हें जार्ज एवरेस्ट के बारे में बताया जायेगा ताकि वे यहंा आये व जीएसटी का लाभ उत्तराखंड को मिले। इस मौके पर एअर सफारी के निदेशक शिव प्रकाश व प्रबंधक अजय दुबे आदि मौजूद रहे।