देहरादून वन प्रभाग के झाझरा रेंज के अंतर्गत निजी नाप भूमि पर अवैध रूप से बिना अनुमति के आम के हरे पेड़ों को जेसीबी मशीन से जमीन में दबा रहे दो आरोपीयों को वन विभाग झाझरा की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। जबकि कुछ मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।
मामला झाझरा रेंज के ग्राम कंडोली के विडास क्षेत्र का है जहां प्रातः कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से पातन कर जेसीबी से आम के हरे पेड़ों को उखाड़ कर भूमिगत किया जा रहा था। वन विभाग के गश्ती दल को देखकर तीन आरोपी फरार हो गए जबकि गश्ती दल द्वारा एक आरोपी को मौके पर दबोच लिया गया, जिसने पूछताछ अपना नाम राहुल गौड़ पुत्र रविन्द्र गौड़ निवासी भाऊवाला भानवाला रामपुर बताया। उसके द्वारा अपराध में शामिल फरार अन्य आरोपीयों की पहचान जेसीबी स्वामी सोहन सिंह पुत्र ज्ञान सिंह, अंकित पुत्र ज्ञान सिंह , जेसीबी चालक आशु निवासी भाऊवाला, भानवाला देहरादून के रूप में कराई गई। गश्ती दल द्वारा अपराध स्थल से कुछ ही दूरी पर एक अन्य अभियुक्त सोहन सिंह पुत्र ज्ञान सिंह को भी दबोच लिया गया। वन क्षेत्राधिकारी झाझरा दीक्षा भट्ट का कहना है कि अपराध में शामिल गिरफ्तार आरोपियों व मौके से बरामद जेसीबी, स्विफ्ट कार को प्रभारी उधान सचल दल सहसपुर के सुपुर्द कर विभागीय स्तर से अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रेषित किया गया। साथ ही एक-एक प्रतिलिपि वन विभाग के उच्च अधिकारियों व पुलिस चौकी इंचार्ज विधौली को भी प्रेषित की गई। एक ओर जहां रेंज अधिकारी झाझरा दीक्षा भट्ट के नेतृत्व में लगातार की जा रही कार्रवाई से लकड़ी तस्करों और अवैध रूप से हरे वृक्षों के पातन करने वाले माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है सूत्रों के हवाले से पता चला है कि यह आम का बगीचा किसी अजय चौधरी नामक व्यक्ति का है जो अभी तक सामने नहीं आया है। वहीं प्रभारी उद्यान सचल दल पर सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर जिनकी बाग बगीचों को बचाने एवं बढ़ाने की जिम्मेदारी है उन्हें समय रहते क्यों भनक नहीं लग पाती है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग आम के बगीचों के कटान पर रोक लगा पाता है या बगैर किसी अनुमति इसी तरह बाग बगीचे साफ होते रहेंगे।