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वृद्धावस्था पेंशन में फर्जीवाड़ा, प्रदेशभर में जांच की मांग

इलम सिंह चौहान 

50-55 साल के लोग उठा रहे पेंशन का लाभ, जन संघर्ष मोर्चा ने कार्रवाई और रिकवरी की उठाई मांग

विकासनगर 24 अप्रैल।

वृद्धावस्था पेंशन में फर्जीवाड़े का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से पूरे प्रदेश में सघन जांच अभियान चलाने की मांग की है।

मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देहरादून जनपद के एक गांव में उम्र बढ़ाकर पेंशन लेने वालों के खिलाफ हुई कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि 50-55 वर्ष की उम्र के लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। इस मामले में लाभार्थियों के साथ-साथ संस्तुति करने वाले जनप्रतिनिधि, दलाल और संबंधित अधिकारियों की भी भूमिका संदिग्ध है।

नेगी ने मांग की कि सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए और फर्जी तरीके से ली गई पेंशन की रिकवरी भी की जाए। साथ ही नियमों के विरुद्ध संस्तुति करने वाले जनप्रतिनिधियों पर चुनाव लड़ने पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए।

उन्होंने आशंका जताई कि अकेले देहरादून जनपद में 1000 से अधिक लोग इस तरह से पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। यदि सरकार व्यापक स्तर पर जांच कराए तो प्रदेशभर में हजारों मामले सामने आ सकते हैं।

पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह और प्रवीण शर्मा पिन्नी भी मौजूद रहे।

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