हल्की बारिश से बर्फ पड़ने के आसार बने, सूखी ठंड से लोग हो रहे बीमार।
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश व बर्फबारी न होने से लोगों में निराशा पैदा हो रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। बुधवार को एक बार मौसम खराब हुआ लेकिन हल्की बूंदाबूंदी के बाद बादल छंट गये, जबकि लोगों को उम्मीद जगी थी कि बर्फ नही ंतो बारिश होगी।
हालांकि आसमान में बादल छाये है जिससे उम्मीद है कि बारिश पड़ सकती है। इस बार पहा़डों पर बारिश व बर्फबारी न होने से लोगों में निराशा पैदा हो गई है। बुधवार को सुबह मौसम साफ था लेकिन 11 बजे के बाद आसमान में बादल छाने लगे व दोपहर बारह बजे हल्की बूंदाबूंदी शुरू हो गयी जिससे लोगों में आस जगी कि बर्फ नही ंतो बारिश जरूर पड़ेगी वहीं मौसम विभाग भी लगातार मौसम खराब होने व वर्षा के साथ बर्फ पड़ने की बात कह रहा था। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। जबकि हल्की बारिश हुई। बारिश या बर्फबारी न होने से जहां सूखी ठंड पडने से लोगों को बीमारी का सामना करना पड़ रहा है वहीं आगामी सीजन की ंिचता सता रही है क्यों कि अगर बारिश नहीं हुई तो गर्मियों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश न होने से फसलों को भारी नुकसान हो गया है खेतो में दरारें पड़ गई हैं व गेहंू की फसल सूख चुकी है व मौसमी सब्जियां भी खराब हो चुकी है यही नहीं इस बार सेब, आडूं, खुमानी, प्लम सहित अन्य मौसमी फलों को भी बारिश व बर्फबारी न होने से भारी नुकसान हुआ है। वहीं मौसम खराब होने से कड़ाके की ठंड पड रही है व चौराहों पर अलाव का सहारा लेकर बर्फबारी की आस लगाए बैठे हैं। स्थानीय निवासी अनिल गोदियाल ने कहा कि पिछले 4 महीने से बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है जिससे पर्यटन पर भी असर पड़ा है साथ ही आने वाले समय में पानी की भी किल्लत हो जाएगी उन्होंने कहा कि मौसम ने करवट ली है और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में बारिश और बर्फबारी होगी। स्थानीय व्यापारी श्रीपति कंडारी ने कहा कि पिछले 4 महीना से बारिश नहीं हुई है और अब उम्मीद जताई जा रही है की बारिश और बर्फबारी होगी उससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और मौसम भी अनुकूल होगा उन्होंने कहा कि दो-तीन दिनों में बारिश और बर्फबारी होती है तो कास्तकारों को भी इसका लाभ मिलेगा।