FeaturedUttarakhand News

चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय का घेराव

दीपक सैलवान।

देहरादून, 25 सितंबर। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से सचिवालय तक मार्च निकाला और सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी दहन किया गया। देश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा और अनुशासन समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी समेत पार्टी के विधायक एवं वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान वैध मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर कई शिकायतें सामने आ रही हैं और विपक्षी दलों की आपत्तियों का अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत दोनों निर्वाचन आयुक्तों को तत्काल पद से हटाने और उनके स्थान पर नए निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की मांग की गई। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के पूर्व में लिए गए फैसलों को निरस्त करने की मांग भी रखी।

कांग्रेस ने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान है और स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। पार्टी के अनुसार मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

फार्म-7 की जांच की मांग

कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान दाखिल किए जा रहे फार्म-7 को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी ने मांग की कि सभी फार्म-7 आवेदनों का विधानसभा और बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा असामान्य संख्या में फार्म-7 दाखिल करने वाले लोगों की विशेष जांच कराई जाए। कांग्रेस ने कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम केवल आपत्ति या फार्म-7 के आधार पर नहीं हटाया जाना चाहिए, बल्कि बीएलओ और ईआरओ स्तर पर वास्तविक भौतिक सत्यापन तथा संबंधित मतदाता को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, राजनीतिक दलों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में निष्पक्ष जांच और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग की।

प्रदर्शन में विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद, लखपत बुटोला, रवि बहादुर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व विधायक रंजीत रावत, ओम गोपाल रावत, ललित फर्स्वाण, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, महामंत्री अश्विनी बहुगुणा, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, सुजाता पॉल, लालचंद शर्मा, गोदावरी थापली, अभिनव थापर, संजय कनौजिया, आर्येंद्र शर्मा, हेमा पुरोहित, जोत सिंह गुनसोला, राजेंद्र शाह, नवीन जोशी, राकेश नेगी, अमरजीत सिंह, सुरेंद्र रांगड़, डॉ. प्रतिमा सिंह, अमेन्द्र बिष्ट, अजय सिंह, शीशपाल बिष्ट, जसविंदर सिंह गोगी, सुंदरलाल मोयल, महेंद्र सिंह नेगी, वीरेंद्र पोखरियाल, वीरेंद्र रावत, विनय सारस्वत, मोहित उनियाल, संजय किशोर, मदन लाल, सुनीता प्रकाश, सोनिया आनंद, नितिन बिष्ट, अजय रावत, गरिमा दसौनी, परिणीता बडोनी, रुचि कैंतुरा, भगवती प्रसाद सेमवाल, उपेंद्र थापली, मोहन काला, सुनीत राठौर, मंजू त्रिपाठी, सुलेमान अंसारी, यशपाल चौहान, कविंद्र इष्टवाल, टीटू त्यागी, गुलजार अहमद, संजय रावत, विकास नेगी, पिया थापा, अनूप कपूर, अखिलेश उनियाल, रॉबिन त्यागी, विपुल जैन, अर्जुन प्रधान, पूनम कंडारी, नजमा खान, आशा शर्मा, चंद्रकला नेगी, पुष्पा पंवार, मुकीम अहमद, ललित भद्री, कमल सिंह रावत, सुमेंद्र बोहरा, भूपेंद्र चौधरी, मोहन राणा, प्रशांत खंडूरी, रितेश जोशी, रितेश क्षेत्री, स्वाति नेगी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button