देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश में किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से काटा गया तो कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी ने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से घेराव, प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई एक राष्ट्रीय समाचार पत्र की खोजी रिपोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त व चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को सही साबित किया है।
धस्माना ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का हवाला देते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए और बाद में इनमें से कई नाम वापस जोड़े गए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआरबी पुरुषोत्तम को कई बार प्रमाणों के साथ शिकायतें दी हैं। धस्माना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के परंपरागत समर्थक मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाए जाने की स्थिति में कांग्रेस सड़क से लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक इसका विरोध करेगी।
तिलक राज बेहड़ पर हमले को लेकर भाजपा पर निशाना
धस्माना ने मंगलवार को ऊधमसिंह नगर के किच्छा में पूर्व मंत्री एवं किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ पर हुए हमले की घटना को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व विधायक के नेतृत्व में भाजपा से जुड़े अराजक और आपराधिक तत्वों द्वारा यह हमला किया गया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड को बिहार और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अराजकता की ओर ले जाने का प्रयास हैं, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। धस्माना ने आरोप लगाया कि किच्छा नगर निकाय चुनाव में संभावित हार को देखते हुए भाजपा की बौखलाहट के चलते यह घटना कराई गई।
उन्होंने सरकार से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।