देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर VIP की भूमिका और मामले की जांच को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इस संबंध में जारी बयान में कहा गया है कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना के चार वर्ष बाद भी जांच पूरी नहीं होने पर VIP की पहचान को लेकर सवाल बने हुए हैं।
बयान में कहा गया कि अंकिता के परिवार सहित कई लोग दुष्यंत गौतम के इस मामले से जुड़े होने की आशंका व्यक्त करते रहे हैं। ऐसे में दुष्यंत गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्त किए जाने पर चिंता जताई गई है। बयान में नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा गया कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें पदभार नहीं दिया जाना चाहिए।
बयान जारी करने वाले ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वह केंद्र सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने तथा जांच पूरी होने तक उन्हें पदभार ग्रहण न कराने की सलाह दें।
बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया गया कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी गंभीरता पर सवाल खड़े किए हैं।
बयान के अंत में राष्ट्रपति से अंकिता भंडारी के माता-पिता की न्याय की उम्मीद को बनाए रखने और मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की गई है।