तेज धारा और मिट्टी कटाव से नींव प्रभावित, बड़ा हादसा होने की आशंका
दिल्ली–यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौनसार-बाबर के प्रवेश द्वार हरिपुर स्थित यमुना नदी का मुख्य पुल गंभीर जोखिम की स्थिति में पहुंच गया है। पुल का एक पिलर लगातार कमजोर होता जा रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है।
जानकारी के अनुसार, हिमाचल और उत्तराखंड के खनन ठेकेदारों की नदी में की जा रही अनियमित गतिविधियों, तेज जलधारा और निरंतर हो रहे मिट्टी कटाव के चलते पिलर की नींव प्रभावित हो चुकी है। पुल के नीचे से बह रही तेज धारा ने संरचना को और अधिक नुकसान पहुंचाया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह दृश्य हल्द्वानी के गौला नदी पुल की स्थिति से मिलता-जुलता है, जहां पिलर कमजोर होने के बाद कुछ समय में पूरा पुल धराशायी हो गया था। लोगों में आशंका है कि यमुना पुल की हालत भी उसी दिशा में बढ़ रही है।
यह पुल दिल्ली–यमुनोत्री राजमार्ग सहित जौनसार-बाबर और पछवादून को जोड़ने का सबसे प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस पुल से गुजरते हैं, लेकिन पिलर की जर्जरता के बावजूद अब तक मरम्मत या सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोग चिंतित हैं।
स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय संगठनों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच, पिलर की मजबूत मरम्मत और आवश्यक होने पर वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था किए जाने की मांग की है, ताकि समय रहते किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।